
नाइजर में हथियारबंद आतंकियों की कैद से आठ महीने बाद झारखंड के पांच मजदूरों को रिहा कर दिया गया है। यह खबर आते ही उनके गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई।
ये मजदूर विदेश में काम के सिलसिले में नाइजर गए थे, जहां उन्हें दिसंबर में अगवा कर लिया गया। परिवार वाले इन आठ महीनों से बेचैन थे। आखिरकार भारतीय दूतावास और स्थानीय सुरक्षा बलों की मध्यस्थता से उन्हें मुक्त कराया गया।
झारखंड के विभिन्न जिलों से संबंधित ये युवा खनन या निर्माण कार्य से जुड़े थे। रिहाई की सूचना मिलते ही पटाखे फूटे और मिठाइयां बांटी गईं।
विशेषज्ञों का कहना है कि साहेल क्षेत्र में बढ़ते आतंकवाद ने विदेशी मजदूरों के लिए खतरा बढ़ा दिया है। भारत सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
रिहा मजदूरों को अब चिकित्सा जांच और मनोवैज्ञानिक सहायता दी जाएगी। उनका जल्द स्वदेश लौटना तय है। यह घटना प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर नई बहस छेड़ रही है।