झारखंड के रामगढ़ जिले में अपराध की बेलगाम फसल पर पुलिस ने करारा प्रहार किया है। राहुल दुबे गैंग के सात कुख्यात गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया गया, जो इलाके में दहशत का पर्याय बन चुके थे। रात के अंधेरे में अंजाम पाई इस कार्रवाई ने अपराधियों के हौसले को पस्त कर दिया।

यह गिरोह लंबे समय से वसूली, लूटपाट और हिंसक हमलों के जरिए स्थानीय व्यापारियों व आम जनता को निशाना बना रहा था। दुकानदारों से जबरन लेवी वसूलना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। विरोध करने वालों को घरों में आगजनी या जान से मारने की धमकियां दी जातीं। पूरा इलाका खौफ के साये में जी रहा था।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गैंग के सदस्य जंगल इलाके में जमा हैं। रामगढ़ एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम ने घेराबंदी कर सातों को धर दबोचा। मौके से देशी कट्टे, चाकू और नकदी बरामद हुई। पूछताछ में कई अनसुलझे मामलों का खुलासा हुआ।
एसपी राजीव रंजन ने कहा, ‘यह सफलता हमारी लगातार निगरानी का नतीजा है। राहुल दुबे को भी जल्द जेल की हवा खिलाएंगे।’ स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। बाजारों में रौनक लौटने लगी है।
प्रशासन ने पीड़ितों के लिए सहायता पैकेज की घोषणा की। हालांकि गिरोह सरगना फरार है, लेकिन पुलिस सतर्कता बरत रही। यह घटना झारखंड में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अपराधियों को चेतावनी साफ है—भागते ही कुत्ते हैं, पकड़े गए तो कुत्ते।
