
झारखंड के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथी के कहर ने रातोंरात दहशत फैला दी। एक ही रात में छह लोगों की भयानक मौत हो गई, जिससे पूरा क्षेत्र सदमे में डूब गया।
गवाहों के अनुसार, हाथी ने देर रात खेतों और घरों पर हमला बोला। पहला शिकार एक किसान बना, जो अपनी झोपड़ी में सो रहा था। चीख-पुकार मचने पर पांच और लोग शिकार हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे।
वन विभाग ने रेंजरों और पशु चिकित्सकों की टीम भेजी है। हाथी को बेहोश करने की कोशिश की जा रही है, जो झुंड से अलग हो गया लगता है। खाद्य संकट और आवास ह्रास इसके पीछे कारण हैं।
यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष को उजागर करती है। विशेषज्ञ बेहतर बाड़बंदी, फसल बीमा और जागरूकता की मांग कर रहे हैं। गांववासी डरे हुए हैं, घर लौटने से कतरा रहे हैं। सरकार से तत्काल कदम उठाने की अपील हो रही है।