झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को तीन वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बाहर कर दिया है। यह सख्त कार्रवाई उनके सोशल मीडिया और फेसबुक लाइव के जरिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व वर्तमान गठबंधन सरकार पर की गई तीखी आलोचना के बाद हुई।

अनुशासन समिति ने इसे संगठन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी सतीश पौल मुंजनी ने शुक्रवार को बताया कि साव लगातार सरकार विरोधी बयान दे रहे थे। चूंकि कांग्रेस गठबंधन की प्रमुख साझेदार है, इसलिए ऐसी सार्वजनिक निंदा अनुशासनहीनता है।
समिति ने पार्टी नियमों की धारा-04 के तहत तुरंत निष्कासन का आदेश दिया। विवाद की जड़ हजारीबाग के बड़कागांव में गुरुवार को एनटीपीसी चट्टी बरियातू कोल माइंस क्षेत्र में साव के मकान पर बुलडोजर चलाना है। प्रशासन का कहना है कि यह अधिग्रहीत भूमि पर अवैध था और कई नोटिसों के बावजूद खाली नहीं हुआ।
साव की बेटी व पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने विरोध किया, आरोप लगाया कि मुआवजे के बिना और कोर्ट मामला लंबित होने पर यह तुगलकी फरमान था। आक्रोशित साव ने सीएम को सोशल मीडिया पर घेरा। क्षेत्र में एनटीपीसी प्रबंधन व साव के बीच तनाव चरम पर था, जिसमें कंपनी कर्मियों पर हमले के आरोप शामिल थे।
यह घटना गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाती है। कांग्रेस ने संदेश दे दिया है कि आंतरिक असंतोष बर्दाश्त नहीं होगा।
