
माघ मास की त्रयोदशी तिथि 16 जनवरी को पूरे जोर-शोर से मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन आध्यात्मिक उन्नति और सांसारिक सफलता के द्वार खोलने वाला है। भक्तों को शुभ और अशुभ समय की सटीक जानकारी नोट कर लेनी चाहिए ताकि वे अपने कार्यों को सही दिशा दे सकें।
सूर्योदय के समय त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होकर रात 9:47 बजे तक रहेगी। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:15 से 1:00 बजे तक सर्वश्रेष्ठ रहेगा, जिसमें नए कार्यों की शुरुआत करें। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:15 से 6:00 बजे योग और जप के लिए आदर्श है।
राहु काल दोपहर 11:30 से 1:00 बजे तथा यमगंड दोपहर 7:30 से 9:00 बजे तक अशुभ फल देने वाला है। इन समयों में यात्रा या व्यापारिक निर्णय टालें। गोधूलि मुहूर्त संध्या 5:45 बजे घरेलू पूजा के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
चंद्रमा कुंभ राशि में तथा हस्त नक्षत्र का प्रभाव रचनात्मक कार्यों को बल देगा। माघ स्नान के लिए पवित्र नदियों में डुबकी का विशेष महत्व है। वाराणसी और हरिद्वार में मंदिरों में विशेष आरती का आयोजन हो रहा है।
ज्योतिषियों का कहना है कि इस दिन गणेश पूजा से बाधाएं दूर होंगी। सावधानीपूर्वक पंचांग अनुसरण से परिवार में सुख-समृद्धि का वास होगा। यह दिवस भगवान शिव को समर्पित होने से प्रहरी व्रत रखने वालों के लिए पुण्यकारी है।
