
जम्मू-कश्मीर में भीषण शीतलहर ने कमर तोड़ दी है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी तो हो रही है, लेकिन कश्मीर के मैदानी क्षेत्रों में एक कण भी बर्फ नहीं गिरी। इससे ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है। श्रीनगर का न्यूनतम तापमान शून्य से 3.4 डिग्री नीचे लुढ़क गया, जबकि पहलगाम में 6.8 और गुलमर्ग में 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ऊपरी क्षेत्रों में हिमपात हो रहा है, लेकिन घाटियों में सूखी ठंड हावी है। डल झील आंशिक रूप से जम चुकी है, शिकारा चालक परेशान। घरों में पाइपलाइनें जाम, बिजली गुल, जनजीवन अस्त-व्यस्त।
प्रशासन ने यात्रियों के लिए सलाह जारी की है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर काला बर्फ और कम दृश्यता का खतरा। पर्यटक गुलमर्ग पहुंच रहे हैं, लेकिन मैदानी इलाकों में सन्नाटा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह शीतलहर एक सप्ताह और चलेगी।
मैदानी इलाकों में बर्फबारी न होने से जलस्रोतों पर संकट गहरा सकता है। जलवायु परिवर्तन के संकेत दिख रहे हैं। स्थानीय निवासी कंगड़ी और फेरन से गुजारा कर रहे हैं। आशा है कि जल्द ही राहत मिलेगी।