
मध्य पूर्व के संकट के बीच भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हुई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से हाल के दिनों में तीन महत्वपूर्ण बातचीत की, जैसा कि विदेश मंत्रालय ने गुरुवार की प्रेस ब्रीफिंग में बताया।
एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने खुलासा किया कि अंतिम वार्ता में समुद्री जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि अभी और विवरण साझा करना समय से पहले होगा।
ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें छात्र, नाविक, व्यापारी, पेशेवर और तीर्थयात्री शामिल हैं। कई छात्र पहले ही स्वदेश लौट चुके हैं, जबकि तेहरान के भारतीयों को सुरक्षित शहरों में स्थानांतरित किया गया है।
अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते लौटने वालों को वीजा और सीमा पार करने में सहायता दी जा रही है। जायसवाल ने दूतावास की सलाह का पालन करने का आग्रह किया। यह प्रयास भारत की कूटनीतिक कुशलता को दर्शाता है।