
आंध्र प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री व वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने टीवी पत्रकारों की गिरफ्तारी को प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। कडपा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए रेड्डी ने सत्ताधारी टीडीपी सरकार पर मीडिया को दबाने का आरोप लगाया।
पिछले सप्ताह पुलिस ने प्रमुख समाचार चैनलों के कुछ पत्रकारों को भ्रष्टाचार उजागर करने वाली रिपोर्ट्स के चलते हिरासत में लिया। इन रिपोर्ट्स में सरकारी प्रोजेक्ट्स में अनियमितताओं का खुलासा किया गया था। रेड्डी ने इसे ‘राज्य की ताकत का दुरुपयोग’ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘पत्रकारों को जेल में डालना चौथे स्तंभ को कमजोर करने जैसा है।’ पार्टी ने全省 में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) का उल्लंघन है।
राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकार संगठनों ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। जगन ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील की। यह घटना मीडिया-पolitिक्स के रिश्तों को नई चुनौतियां दे रही है। आने वाले दिनों में न्यायालय का फैसला महत्वपूर्ण होगा।