
नई दिल्ली: विकसित भारत@2047 के सपने को साकार करने के लिए युवाओं को इसरो के अंतरिक्ष यात्रियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और नशामुक्त जीवन जीना चाहिए। यह आवाज स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में बुलंद की।
कार्यक्रम में देशभर से आए युवा नेताओं ने इसरो की उपलब्धियों पर चर्चा की। डॉ. मंडाविया ने कहा, ‘गगनयान मिशन की तैयारी कर रहे हमारे अंतरिक्ष यात्री अनुशासन और समर्पण के जीवंत उदाहरण हैं। नशा इस प्रगति के मार्ग में सबसे बड़ा रोड़ा है।’
सत्रों में युवाओं ने नशा मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विचार-विमर्श किया। इसरो विशेषज्ञों ने अपनी चुनौतियों और सफलताओं की कहानियां साझा कीं, जिससे प्रतिभागी उत्साहित दिखे। एक युवा ने कहा, ‘अंतरिक्ष यात्रियों की बातें सुनकर लगता है कि हम भी कुछ बड़ा कर सकते हैं।’
मंडाविया ने फिट इंडिया अभियान के तहत नई योजनाओं का ऐलान किया, जिसमें युवा नेतृत्व वाले नशा विरोधी अभियान शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की नींव हैं।
कार्यक्रम का समापन युवाओं के संकल्प के साथ हुआ। यह डायलॉग न केवल प्रेरणा का स्रोत बना बल्कि भविष्य के नेताओं को दिशा भी प्रदान की। भारत का युवा वर्ग अब नशामुक्त होकर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने को तैयार है।