
नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिजनों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को गुरुवार को सुरक्षित रख लिया। कोर्ट 3 मार्च को अपना फैसला सुनाएगी, जो इस लंबे चले भ्रष्टाचार कांड में अहम मोड़ साबित हो सकता है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट में लालू, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित 16 आरोपी नामजद हैं। ईडी का दावा है कि 2004-09 में रेल मंत्री रहते लालू ने नियम तोड़कर दो आईआरसीटीसी होटलों को लीज पर दिया, जिसमें सरला गुप्ता को एक मिला, जो आरजेडी नेता प्रेम गुप्ता की पत्नी हैं।
इन सौदों से काले धन को जमीन ट्रांसफर के जरिए सफेद करने की साजिश रची गई, जिसकी रकम करोड़ों में है। परिवार के सदस्यों पर आर्थिक लाभ लेने का आरोप। विशेष अदालत ने 13 अक्टूबर 2023 को धारा 420, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत ट्रायल का रास्ता साफ किया था।
29 मई को लंबी दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया। हाईकोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर कार्यवाही पर रोक की याचिकाओं पर सुनवाई की। रेल अधिकारी और गुप्ता दंपति भी आरोपी।
यह घटनाक्रम बिहार की सियासत को हिला सकता है, जहां तेजस्वी की महत्वाकांक्षा पर असर पड़ सकता है।