
नई दिल्ली: आईआरसीटीसी होटल घोटाले में लालू प्रसाद यादव परिवार की महत्वपूर्ण याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। यह मामला पूर्व रेल मंत्री द्वारा दिए गए विवादास्पद ठेके से जुड़ा है, जिसमें कथित अनियमितताओं का आरोप लगा है।
2004 में पंचशील होटल और कृष्णा होटल के ठेके मेरिडियन ट्रेडर्स कंपनी को दिए गए थे, जो राबड़ी देवी से जुड़ी बताई जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच की, जिसमें 60 लाख रुपये के किकबैक का खुलासा हुआ।
परिवार ने ईडी की कार्यवाही को चुनौती दी है और समन रद्द करने की मांग की है। मीसा भारती और अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया गया है।
इससे पहले सीबीआई अदालत ने आरोप तय किए थे, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर हुई। बिहार की राजनीति में लालू परिवार का प्रभाव कायम है, भले ही स्वास्थ्य कारणों से जमानत पर बाहर हों।
न्यायालय ईडी द्वारा अटैच की गई संपत्तियों पर भी विचार करेगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह फैसला आरजेडी की रणनीति प्रभावित कर सकता है।
यह केस सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता के महत्व को रेखांकित करता है। न्यायिक फैसला न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक समीकरण भी बदल सकता है।