
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के दक्षिणी हिस्से में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान डीआरजी और सशस्त्र माओवादियों के बीच सुबह सात बजे से जोरदार मुठभेड़ चल रही है। जंगल के घने इलाके में रुक-रुक कर हो रही गोलीबारी ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
बुधवार तड़के शुरू हुए इस बड़े सर्च ऑपरेशन में खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरजी की विशेष इकाई को रवाना किया गया था। सुरक्षा बलों को संकेत मिले थे कि माओवादी कोई बड़ी साजिश रच रहे हैं। जंगल में आगे बढ़ते ही माओवादियों ने अचानक हमला बोल दिया, जिसका डीआरजी ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
घेराबंदी मजबूत कर अतिरिक्त फौज भेजी गई है ताकि माओवादी कहीं भाग न सकें। पहाड़ी और जंगली इलाके में सतर्कता बरतते हुए जवान हर मोर्चे पर सजग हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने कहा कि सभी जवान सुरक्षित हैं और अभियान उच्च स्तरीय निगरानी में है। उन्होंने लोगों से क्षेत्र से दूर रहने और अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की।
ऑपरेशन जारी है, जिसके पूरा होने पर ही हताहतों या हथियारों की जानकारी साझा की जाएगी। यह घटना बस्तर में नक्सल उन्मूलन के दमदार प्रयासों को रेखांकित करती है।