कोलकाता: विश्व हिंदू परिषद के नेता राजेश्वर सिंह ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ ने बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पूरी तरह तबाह कर दिया है। एक जनसभा में बोलते हुए सिंह ने चेतावनी दी कि बंगाल की पहचान मिटाने की साजिश चल रही है।

दुर्गा पूजा, बाउल गीत और रवींद्रनाथ टैगोर की परंपराओं का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में मस्जिदों और मदरसों का बोलबाला हो गया है। मुरशिदाबाद, मालदा जैसे जिलों में हिंदू मंदिर उपेक्षित पड़े हैं। ‘यह सांस्कृतिक हत्या है,’ उन्होंने हजारों समर्थकों से कहा।
टीएमसी सरकार पर सीमा सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सिंह ने ममता बनर्जी की नीतियों को ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ करार दिया। बांग्लादेश सीमा पर ढील से लाखों घुसपैठिए आ चुके हैं, जिससे स्थानीय संसाधन चरमरा गए हैं। जनगणना के आंकड़े हिंदू आबादी में कमी दिखाते हैं।
सिंह ने ‘बंगाल पुनर्जागरण’ अभियान की अपील की। विपक्षी दलों ने उनका समर्थन किया, जबकि टीएमसी ने इसे ‘नफरत फैलाने’ का ढिंढोरा पीटा। चुनावी साल में यह विवाद और तेज हो सकता है। बंगाल की संस्कृति बचाने की लड़ाई अब जोर पकड़ रही है।
