
हवाई यात्रा के क्षेत्र में अनियमितताओं पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंदिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोंका है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक जानकारी जारी करते हुए कहा कि यह कार्रवाई सुरक्षा और संचालन संबंधी उल्लंघनों के लिए की गई है।
मंत्रालय की जांच में इंदिगो के कई विमानों पर रखरखाव की कमी, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करना और उड़ान अनुसूची में लगातार देरी जैसे मुद्दे सामने आए। इन कमियों ने न केवल यात्रियों को परेशान किया बल्कि हवाई सुरक्षा को भी खतरे में डाला।
जुर्माने का यह अमाउंट 50 से अधिक उल्लंघनों के लिए लगाया गया है, जिसमें दस्तावेजों में गड़बड़ी और आपातकालीन तैयारियों की कमी शामिल है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हवाई यात्रा में सुरक्षा सर्वोपरि है, किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
इंदिगो, जो घरेलू बाजार में 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखती है, को अब 30 दिनों में जुर्माना जमा करना होगा या अपील करनी होगी। इस कदम से अन्य एयरलाइनों में भी सतर्कता बढ़ेगी। यात्री अब अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय सेवाओं की उम्मीद कर सकते हैं।
यह घटना उड्डयन क्षेत्र में नियामक सख्ती की नई मिसाल पेश करती है। सरकार का संकल्प है कि सभी एयरलाइनें मानकों का कड़ाई से पालन करें, ताकि यात्रियों का भरोसा बना रहे।