
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत के हाई-स्पीड रेलवे ट्रैक की लंबाई दोगुनी हो गई है। 2014 में जहां लगभग 5,000 किलोमीटर ट्रैक थे, वहीं अब यह 11,000 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। यह उपलब्धि रेल मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजनाओं का परिणाम है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में कहा, ‘यह वृद्धि आर्थिक विकास और यात्री सुविधा का प्रतीक है।’ मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना इसकी प्रमुख कड़ी है, जो 508 किमी लंबी है और 320 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी।
वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 50 से अधिक हो चुकी है, जो प्रमुख शहरों को जोड़ रही हैं। इसके अलावा, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और विद्युतीकरण ने नेटवर्क को मजबूत किया है। 93 प्रतिशत ब्रॉडगेज ट्रैक विद्युतीकृत हो चुके हैं।
सरकार ने 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यात्रा समय कम होगा और माल ढुलाई सस्ती पड़ेगी। हालांकि, भूमि अधिग्रहण और फंडिंग चुनौतियां बरकरार हैं।
भविष्य की योजनाओं में 2030 तक 4,000 किमी अतिरिक्त ट्रैक शामिल हैं। कवच सिस्टम और एआई तकनीक सुरक्षा बढ़ाएंगी। यह प्रगति विकसित भारत के सपने को साकार करेगी।