
नई दिल्ली: केंद्रीय राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने आज स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तब तक अधूरा रहेगा जब तक श्रमिक वर्ग की उन्नति न हो। एक श्रमिक सम्मेलन में बोलते हुए सैनी ने जोर देकर कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ लाखों मजदूरों को सशक्त बनाना जरूरी है।
सैनी ने कौशल विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार श्रमिकों को सही दिशा में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘विकसित भारत का संकल्प श्रमिकों की प्रगति के बिना अपूर्ण है।’
मंत्री ने अनौपचारिक क्षेत्र के रोजगारों को औपचारिक बनाने और श्रम कल्याण के लिए बढ़ते बजट पर प्रकाश डाला। इन प्रयासों से आर्थिक लाभ आम आदमी तक पहुंचेगा।
उन्होंने उद्योगों से बेहतर कामकाजी माहौल और प्रशिक्षण की अपील की। सैनी ने श्रमिकों को राष्ट्र निर्माण का इंजन बताया।
2047 के लक्ष्यों की ओर बढ़ते भारत में सैनी का संदेश महत्वपूर्ण है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कुशल श्रमिक ही सतत विकास सुनिश्चित करेंगे। सरकार की नीतियां मजबूत हैं, लेकिन अमल चुनौती है।
विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों ने बयान का स्वागत किया। आने वाले चुनावों में रोजगार और विकास का मुद्दा प्रमुख रहेगा।