
नई दिल्ली। नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के निदेशक दीपक बागला ने कहा कि भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में वास्तविक शक्ति अलग-थलग सफलताओं से नहीं, बल्कि एक मजबूत जुड़े हुए इकोसिस्टम से उभरेगी।
बागला ने बताया कि एआईएम स्टार्टअप्स, मेंटर्स, नवप्रवर्तकों, निवेशकों तथा नीतियों और कार्यान्वयन के बीच मजबूत सेतु का काम कर रहा है। जब ये सभी तत्व एकजुट होते हैं, तो एआई केवल तकनीक नहीं रह जाता, बल्कि पूरा राष्ट्र एक आंदोलन का रूप धारण कर लेता है। इसी एकीकरण से भारत ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करते हुए वैश्विक एआई नेतृत्व प्रदान करेगा।
‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में एआईएम की भूमिका सराहनीय रही, जहां भारत की एआई प्रगति का जमीनी और नीतिगत दोनों स्तरों पर एक साथ आगे बढ़ना दिखा। ‘एआई टिंकरप्रेन्योर शोकेस’ में अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) से 50 छात्र टीमों ने स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, पहुंच और लोक सेवा जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान प्रस्तुत किए।
इंटेल के सहयोग से चल रही एआई टिंकरप्रेन्योर पहल का लक्ष्य स्कूली बच्चों में एआई ज्ञान, रचनात्मकता और उद्यमशीलता जगाना है। पूरे देश से 12,000 से ज्यादा टीमों ने हिस्सा लिया, जिसमें कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद शीर्ष 50 को मंच मिला।
‘एआई बाय हर’ सत्र में एटीएल की छात्राओं ने अपने एआई प्रोजेक्ट्स और संघर्षों की कहानियां साझा कीं, जो बताती हैं कि वे कैसे चुनौतियों को पार कर एआई इकोसिस्टम में अपनी मजबूत जगह बना रही हैं।
अटल टिंकरिंग लैब्स की सक्रियता से साबित होता है कि स्थानीय स्तर के नवाचार और राष्ट्रीय एआई विजन में गहरा सामंजस्य है। देशभर के स्कूलों के युवा नवोन्मेषक भारत के तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।