
बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में बीएनपी की शानदार जीत के बाद भारत के प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी राय व्यक्त की है। नई दिल्ली से आई प्रतिक्रियाओं में लोकतंत्र, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर विशेष बल दिया गया।
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि लोकतंत्र में जीत-हार स्वाभाविक है। प्रधानमंत्री मोदी ने बीएनपी नेतृत्व को बधाई दी है, जबकि उनके नेता एकनाथ शिंदे की ओर से प्रगतिशील बांग्लादेश की कामना है जहां घुसपैठ रुके और विकास तेज हो। पड़ोसी देश होने के नाते दोनों राष्ट्रों के हित में सुरक्षा अहम है।
भाजपा के प्रतुल शाह देव ने लोकतंत्र की वापसी का स्वागत किया। जदयू के राजीव रंजन ने मतदाताओं की भारी उपस्थिति और तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी की सफलता का जिक्र किया।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हिंदुओं पर अत्याचार रोकने पर जोर दिया। भाजपा के दिलीप घोष ने शांति और विकास की भविष्यवाणी की। भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों के हाशिए पर जाने का उल्लेख किया।
सीपीआई(एम) के एमवाई तारिगामी ने अवामी लीग पर प्रतिबंध के बावजूद मतदान और उग्रवाद अस्वीकृति की सराहना की। पीडीपी के आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने 47 प्रतिशत मतदान को ऐतिहासिक बताया। ये प्रतिक्रियाएं भारत की पड़ोसी नीति को दर्शाती हैं।