
नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने पुष्टि की है कि चर्चाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और अगली उच्च स्तरीय बैठक मंगलवार को होगी।
दोनों देशों के नेता पिछले वर्षों से इस साझेदारी को मजबूत बनाने पर जोर दे रहे हैं। वार्ता में कृषि, दवा, प्रौद्योगिकी और वस्त्र जैसे क्षेत्रों में बाजार पहुंच, शुल्क में कमी और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर फोकस है। महामारी के बाद वैश्विक व्यापार में विविधीकरण की आवश्यकता दोनों पक्ष महसूस कर रहे हैं।
राजदूत ने पत्रकारों से बातचीत में उत्साह जताया, ‘हम अच्छी प्रगति कर रहे हैं।’ भारत दूध उत्पादों और वाहनों पर आयात प्रतिबंधों में ढील चाहता है, वहीं अमेरिका चीनी प्रभाव से दूर व्यापार बढ़ाने को इच्छुक है।
कठिनाइयां बरकरार हैं, खासकर किसानों और छोटे उद्योगों की सुरक्षा को लेकर। फिर भी, मंगलवार की बैठक में वाणिज्य मंत्रियों की मौजूदगी से मिनी डील की उम्मीदें प्रबल हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि इससे द्विपक्षीय व्यापार 500 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
वैश्विक तनाव के दौर में यह साझेदारी रणनीतिक महत्व की है। सफलता मिलने पर रोजगार और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, जो दोनों देशों के लिए वरदान साबित होगा।