
भारत और अमेरिका के बीच पारस्परिक टैरिफ कम करने के ऐतिहासिक समझौते ने उपभोक्ताओं के लिए खुशहाली के द्वार खोल दिए हैं। टेक्नोलॉजी उत्पादों से लेकर कृषि सामग्री तक कई वस्तुओं की कीमतें घटने की उम्मीद है।
लैपटॉप, स्मार्टफोन और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे तकनीकी उपकरणों पर आयात शुल्क में कमी से इनकी बाजार मूल्य कम होंगे। इसके साथ ही पार्ट्स, घरेलू उपकरण, पैकेज्ड फूड और प्रोसेस्ड उत्पाद भी सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे।
कृषि क्षेत्र में दालें, डेयरी उत्पाद और तैयार भोजन पर टैरिफ घटने से खाद्य महंगाई पर अंकुश लग सकता है। सरकार की ओर से पूर्ण विवरण जारी होने का इंतजार है, लेकिन प्रभाव व्यापक दिख रहा है।
इस डील से भारतीय निर्यात को बल मिलेगा। टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, जेम्स-ज्वेलरी क्षेत्रों को अमेरिकी बाजार में आसानी मिलेगी। स्टील, केमिकल्स जैसे औद्योगिक सामान भी लाभान्वित होंगे, हालांकि कुछ धातुओं पर 50% तक ड्यूटी बनी रह सकती है। ऑटो पार्ट्स पर अभी ऊंचे टैरिफ का जोखिम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फोन वार्ता के बाद बने इस समझौते में अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 18% किया है। भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों पर बाधाएं हटाईं। रूस से तेल खरीद घटाने और अमेरिका-वेनेजुएला से बढ़ाने की चर्चा हुई।
पीएम मोदी ने एक्स पर ट्रंप को धन्यवाद देते हुए कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर 18% टैरिफ कटौती से 1.4 अरब भारतीयों को फायदा होगा। यह समझौता दोनों देशों के व्यापार को नई दिशा देगा।