
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों ने कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, जैसा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया। कभी विदेशों से गेहूं आयात करने वाली भारत आज 150 मिलियन टन चावल उत्पादन के साथ चीन को पछाड़कर दुनिया में शीर्ष पर है।
खाद्यान्न उत्पादन 2014 के 252 मिलियन टन से बढ़कर 357 मिलियन टन हो गया। किसानों की मेहनत, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का कमाल है यह। बागवानी में फल-सब्जी उत्पादन 277 से 369 मिलियन टन पहुंचा, जिससे आय में इजाफा हुआ।
दलहन में दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक भारत आयात कम करने को प्रतिबद्ध है। तूर, मसूर, उड़द की असीमित खरीद का निर्णय लिया गया। किसानों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू, जिसमें स्थानीय भाषा में फोन पर सलाह मिलेगी।
एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद, उर्वरक सब्सिडी 1.86 लाख करोड़ (इस साल 1.70 लाख करोड़), कृषि ऋण 8.45 से 28.69 लाख करोड़। फसल बीमा से 2 लाख करोड़ क्लेम। पीएम किसान से 4.09 लाख करोड़ ट्रांसफर, 13 मार्च को 9.32 करोड़ किसानों को 18,640 करोड़। 2.15 करोड़ महिला किसान लाभान्वित।
यह योजना निवेश बढ़ा रही, कर्ज घटा रही। चौहान ने किसानों को बधाई दी और मोदी के संकल्प को दोहराया।