
नई दिल्ली। भारत अपनी व्यापारिक रणनीति में बड़ा बदलाव ला रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिका से तेल-गैस आयात बढ़ाने के बाद अब कीमती धातुओं पर नजर है। वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यूएई की जगह अब अमेरिका से सोना और चांदी की अधिक खरीद की जाएगी। इससे घरेलू कीमतें कम हो सकती हैं और अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष में कमी आएगी।
अमेरिका विश्व का प्रमुख सोना-चांदी निर्यातक है। कनाडा, भारत और ब्रिटेन जैसे देशों को अरबों डॉलर का माल भेजता है। भारत अमेरिका को 2.8 अरब डॉलर के कृषि निर्यात करता है, जबकि आयात 1.5 अरब है। जीएम खाद्य पर रोक और टीआरक्यू जैसी शर्तें लागू हैं।
भारत-अमेरिका अंतरिम समझौता डेटा सेंटरों के लिए वरदान है। जीपीयू सर्वर पर शुल्क घटने से लागत 14 फीसदी तक कम होगी। 2024 में 86.35 अरब डॉलर का निर्यात हुआ। 30.94 अरब पर शुल्क 18 फीसदी और 10.03 अरब पर शून्य हो गया। टेक्सटाइल, रत्न, कृषि और फार्मा को बड़ा फायदा।