
भारतीय सशस्त्र बलों के कल्याण को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने सैन्यकर्मियों के लिए 1 करोड़ रुपये के बीमा कवर वाले समझौते का नवीनीकरण कर दिया है। यह निर्णय उन वीर जवानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा जो दिन-रात सीमाओं की रक्षा करते हैं।
इस नई अवधि के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना के हर सदस्य को कर्तव्य के दौरान चोट, अक्षमता या मृत्यु की स्थिति में यह भारी आर्थिक सहायता मिलेगी। वर्षों पहले शुरू हुई यह योजना अब बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी, जिससे सैनिकों का मनोबल ऊंचा रहेगा।
स्मारोह में रक्षा मंत्री ने कहा, ‘हमारे सैनिक राष्ट्र के लिए सब कुछ दांव पर लगाते हैं। यह बीमा कवर हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है और उनके परिवारों को सहारा देने का वादा।’ योजना प्रमुख बीमा कंपनियों द्वारा समर्थित है और दावा निपटान की प्रक्रिया सरल बनाई गई है।
यह कवर सामान्य अनुदान से कहीं आगे है। इसमें गंभीर बीमारियों, स्थायी विकलांगता और सेवानिवृत्ति उपरांत चिकित्सा सुविधाओं के लिए अतिरिक्त लाभ शामिल हैं। पिछले वर्षों में हजारों परिवारों ने इसका लाभ उठाया, जिससे कठिन समय में उन्हें राहत मिली।
फीडबैक के आधार पर डिजिटल एकीकरण जोड़ा गया है, जिससे कागजी कार्रवाई कम हो गई। जैसे-जैसे सैन्य आधुनिकीकरण बढ़ रहा है, ऐसी कल्याण योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
यह कदम अन्य क्षेत्रों के लिए मिसाल बनेगा। उच्च जोखिम वाले वातावरण में कार्यरत सैनिकों के लिए 1 करोड़ का कवर आवश्यक सुरक्षा प्रदान करता है। सैन्य नेता इसे भर्ती और बंधन बनाए रखने में क्रांतिकारी बता रहे हैं।
समझौता लागू होते ही पूरे देश में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। कुल मिलाकर, यह नवीनीकरण सशस्त्र बलों और नागरिकों के बीच पवित्र बंधन को मजबूत करता है।