
नई दिल्ली में सोमवार को राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आया। ओडिशा से भाजपा सांसद सुजीत कुमार ने भारत के लिए अलग स्वतंत्र स्पेस फोर्स गठन की जोरदार मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज अंतरिक्ष केवल विज्ञान का क्षेत्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग बन चुका है।
सांसद ने सदन को बताया कि हमारी कॉल, इंटरनेट, जीपीएस, बैंकिंग, निगरानी और सैन्य कार्रवाइयां सभी उपग्रहों पर निर्भर हैं। शत्रु द्वारा अंतरिक्ष में हल्की सी भी छेड़छाड़ से जमीन पर पूर्ण अव्यवस्था फैल सकती है। उन्होंने चेतावनी दी, ‘या तो हम चुपचाप हमले का इंतजार करें जो अर्थव्यवस्था ठप कर दे, या पहले से ऐसी शक्ति खड़ी करें।’
कुमार ने वैश्विक परिदृश्य का जिक्र किया। अमेरिका ने 2019 में स्पेस फोर्स बना ली, चीन के पास पहले से मजबूत क्षमता है। भारत की डिफेंस स्पेस एजेंसी अच्छी शुरुआत है, लेकिन अस्थायी है। इसके पास स्वतंत्र कैडर, कमान या स्थायी ढांचा नहीं।
उन्होंने उच्चस्तरीय समिति गठन की मांग की, जो स्पेस फोर्स और स्पेस वॉरफेयर अकादमी पर शीघ्र रिपोर्ट दे। आने वाले सैन्य उपग्रहों की सुरक्षा के लिए 24×7 निगरानी जरूरी है, जो पारंपरिक कमांड संभाल नहीं सकती।
यह मांग भारत को अंतरिक्ष युग की चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत बनाएगी, वैश्विक शक्तियों के साथ कदमताल मिलाएगी। सरकार का जवाब रणनीतिक दृष्टि दर्शाएगा।