
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देशव्यापी एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की, जिसमें 14 वर्ष तक की सभी बालिकाओं को नि:शुल्क टीका लगाया जाएगा। यह तीन माह का मिशन मोड वाला कार्यक्रम लाखों महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की भयावहता से बचाने का प्रयास है।
देश में प्रतिवर्ष लगभग 1,27,000 महिलाएं इस कैंसर से प्रभावित होती हैं, जिसमें से 75,000 की मौत हो जाती है। एचपीवी वायरस इसके प्रमुख कारण के रूप में जाना जाता है, जिसे वैक्सीन से पूरी तरह रोका जा सकता है। एम्स की डॉ. सीमा सिंघल ने इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि 9 से 14 साल की उम्र में टीकाकरण सबसे प्रभावी होता है।
डॉ. रचना सेठ ने वैक्सीन संबंधी भ्रांतियों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि जन्म से ही हम बच्चों को टीबी, खसरा जैसी बीमारियों के टीके लगाते हैं, एचपीवी भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है। डॉ. पल्लवी शुक्ला ने बताया कि इस उम्र में इम्यून सिस्टम की मजबूती लंबे सुरक्षा कवच का आधार बनाती है।
डॉ. सीमा मिश्रा ने इसे भारत के हर नागरिक के लिए यादगार दिन करार दिया। सरकारी समर्थन से अब यह अभियान विशाल स्तर पर चलेगा। सफलता के साथ देश कैंसर रोकथाम में नया मानक गढ़ेगा।