
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का ऐलान किया है। एक प्रमुख व्यापार समिट में बोलते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश प्रौद्योगिकी, कृषि और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों का लाभ उठाएंगे।
गोयल ने जोर देकर कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों से बंधे ये दोनों राष्ट्र अपनी पूरक क्षमताओं का उपयोग कर अभूतपूर्व विकास हासिल कर सकते हैं। उन्होंने व्यापार समझौतों को सरल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
हालिया कूटनीतिक मुलाकातों ने इस दिशा में रास्ता तैयार किया है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला संकट के बीच दोनों देश लचीले साझेदारियों पर जोर दे रहे हैं। महत्वपूर्ण खनिजों और दवाओं पर चल रही वार्ताओं को गोयल ने उदाहरण के रूप में पेश किया।
कार्यक्रम में मौजूद उद्योगपतियों ने उत्साह जताया। कनाडाई कंपनियां भारत के विशाल बाजार में रुचि दिखा रही हैं, वहीं भारतीय उद्यमी कनाडा के अनुसंधान तंत्र पर नजरें गड़ाए हैं। मंत्री ने वीजा प्रक्रिया तेज करने और टैरिफ घटाने की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार तनावों के बीच भारत-कनाडा गठजोड़ स्थिरता का प्रतीक बन रहा है। गोयल ने नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था में कनाडा को प्रमुख सहयोगी बताते हुए आर्थिक समृद्धि और सतत विकास का वादा किया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि लक्षित निवेश से अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना हो सकता है।