
भारतीय रेलवे ने पीएम गति शक्ति के तहत 100 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है, जो 6,000 किलोमीटर से अधिक नेटवर्क पर 1.53 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाएंगी। पिछले वित्त वर्ष की 64 परियोजनाओं (2,800 किमी, 72,869 करोड़) से तुलना करें तो स्वीकृतियां 56% बढ़ीं, लंबाई में 114% उछाल और पूंजी में 110% वृद्धि हुई है।
नई लाइनों, दोहरीकरण, मल्टी-ट्रैकिंग, बाईपास, फ्लाईओवर से भीड़भाड़ कम होगी, समयबद्धता सुधरेगी और गरीब क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ेगी। महाराष्ट्र (17), बिहार (11), झारखंड (10), मध्य प्रदेश (9) में फोकस से माल ढुलाई और यात्री सेवाएं मजबूत होंगी।
प्रमुख परियोजनाएं जैसे कसारा-मनमाड (10,150 करोड़, 131 किमी), खरसिया-नया रायपुर (8,740 करोड़, 278 किमी), इटारसी-नागपुर (5,450 करोड़, 297 किमी) कुल 28,000 करोड़ की हैं। ‘मिशन 3000 मीट्रिक टन’ के अनुरूप ऊर्जा गलियारे, हाई डेंसिटी नेटवर्क और रेल सागर कॉरिडोर से क्षमता दोगुनी होगी।
जनजातीय इलाकों जैसे रावघाट-जगदलपुर से बाजार, स्वास्थ्य, शिक्षा जुड़ेंगी। रोजगार सृजन, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। यह विस्तार भारत को एकजुट कर विकास की नई गति देगा।

