
गुजरात के साणंद में शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माइक्रोन टेक्नोलॉजी की उन्नत सेमीकंडक्टर एटीएमपी इकाई का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने इसे भारत के तकनीकी सफर में मील का पत्थर करार दिया।
प्रधानमंत्री ने हाल की विश्वस्तरीय एआई शिखर सम्मेलन के बाद इस उपलब्धि को जोड़ते हुए कहा कि भारत अब तकनीक के नेतृत्व में अटल प्रतिबद्धता दिखा रहा है। दस-ग्यारह साल पहले डेटा और चिप्स पर बहस कम ही होती थी, मगर आज भारत हार्डवेयर क्षेत्र में मजबूती पकड़ रहा है। वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में हमारी भूमिका पुख्ता हो रही है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार, माइक्रोन टीम और सभी कर्मियों को बधाई देते हुए पीएम ने प्रोजेक्ट की रफ्तार पर जोर दिया। जून 2023 में एमओयू, सितंबर में शिलान्यास, 2024 तक पायलट उत्पादन और अब व्यावसायिक शुरूआत—यह भारत के नीति से उत्पादन तक के दृष्टिकोण का प्रतीक है।
विशेषज्ञ जानते हैं कि विकसित देशों में भी ऐसे समझौते सालों लगते हैं, लेकिन भारत ने महीनों में कर दिखाया। साफ नियत और देशभक्ति से नीतियां स्पष्ट और फैसले तेज बनते हैं। माइक्रोन नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए मोदी ने भारत को तकनीकी महाशक्ति के रूप में उभरते बताया। यह इकाई नौकरियां, निवेश और निर्यात बढ़ाएगी।