
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे क्रूर अत्याचारों के खिलाफ केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एक सार्वजनिक सभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद उत्पन्न अराजकता में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है, और भारत को चुप नहीं रहना चाहिए।
मसूद ने बताया कि बांग्लादेश के विभिन्न इलाकों में हिंदू मंदिरों पर हमले, घरों पर आगजनी और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लूटा जा रहा है। ‘हमारे हिंदू भाइयों पर हो रहे इन जुल्मों के खिलाफ आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है। सरकार को कूटनीतिक स्तर पर तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, सैकड़ों हिंदू परिवार अपने गांवों से पलायन कर चुके हैं। मसूद ने भारत सरकार से शरणार्थियों के लिए विशेष राहत पैकेज और डाक्का के साथ सख्त बातचीत की मांग की।
यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में गूंज रहा है। विपक्षी दल इसे विदेश नीति की नाकामी बता रहे हैं, जबकि हिंदू संगठन देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। मसूद का बयान न केवल मानवीय आधार पर सही है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी जरूरी। सरकार को अब ठोस कदम उठाने होंगे।