
नई दिल्ली में लोकसभा की राजनीति गरमा रही है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि स्पीकर को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से करना चाहिए, जो कहीं नजर नहीं आ रहा।
मसूद ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘सदन के भीतर जो हो रहा है, वह अध्यक्ष पद की मर्यादा को चोट पहुंचा रहा है। स्पीकर सदन के रक्षक होते हैं और परंपराओं का पालन करना उनका कर्तव्य है। दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो रहा।’
देश के विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘राष्ट्र निर्माण में सभी की भागीदारी जरूरी है। जब तक सबकी आवाज न सुनी जाएगी, प्रगति संभव नहीं। संसद में सही मुद्दों पर बहस होनी चाहिए, कमजोरियों को छिपाने के लिए भटकाव न किया जाए। वर्तमान स्थिति राष्ट्रहित के विरुद्ध है।’
पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब का जिक्र करते हुए मसूद बोले, ‘इसके कंटेंट पर गहन चर्चा होनी चाहिए। किताब पढ़कर जांच करें। भाजपा सरकार लोगों का ध्यान भटकाती रहती है और अब किताब पर भी रोक लगा दी।’
15 फरवरी के भारत-पाक क्रिकेट मैच पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। ‘पाकिस्तान टीम पर लानत है। पुलवामा हमले के बाद किसी भी मैच का विरोध करता हूं। दुबई में हमले के ठीक बाद मैच खेलना शर्मनाक था। पाक से कोई संबंध नहीं।’
मसूद की यह टिप्पणियां विपक्ष की बढ़ती नाराजगी को दर्शाती हैं, जो संसदीय गरिमा और मुद्दों पर केंद्रित बहस की मांग कर रही हैं।