
इंफाल की अदालत ने निवेश घोटाले के पीड़ितों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ठगों से जब्त की गई संपत्तियों की नीलामी का आदेश जारी किया है। इससे प्राप्त राशि का वितरण प्रभावित निवेशकों के बीच किया जाएगा।
यह मामला कई फर्जी निवेश कंपनियों से जुड़ा है, जिन्होंने लोगों को ऊंची कमाई का लालच देकर धोखा दिया। जांच एजेंसियों ने करोड़ों की संपत्ति जब्त की थी, जिसमें जमीनें, गाड़ियां और बैंक खाते शामिल हैं। अदालत ने पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया पर जोर देते हुए समयसीमा भी तय की है।
मणिपुर में वित्तीय अपराधों के खिलाफ यह एक मिसाल कायम करने वाला कदम है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पीड़ितों का विश्वास बहाल होगा। कई मध्यमवर्गीय परिवारों ने अपनी जीवनभर की कमाई गंवा दी थी। अब उन्हें कुछ हद तक न्याय मिलने की उम्मीद है।
देशभर में बढ़ते निवेश घोटालों के बीच यह फैसला महत्वपूर्ण है। नियामक संस्थाएं सक्रिय हैं, लेकिन स्थानीय अदालतों की भूमिका अहम है। नीलामी से मिलने वाली रकम से सैकड़ों परिवारों को फायदा होगा। पीड़ित संगठन शीघ्र अमल की मांग कर रहे हैं।