
भारतीय मादे विदेशी शराब संघ (आईएमपीपीए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर खाड़ी देशों द्वारा लगाए गए ‘धुरंधर’ ब्रांड पर बैन हटाने की अपील की है। यह ब्रांड खाड़ी बाजारों में अपनी ताकतवर स्वाद और गुणवत्ता के लिए मशहूर रहा है।
संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और अन्य जीसीसी देशों ने गुणवत्ता और लेबलिंग संबंधी नियमों का हवाला देकर इस ब्रांड पर रोक लगा दी थी। आईएमपीपीए का कहना है कि कंपनी ने सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया है और अब सभी प्रमाणपत्र उपलब्ध हैं। पत्र में विस्तार से वित्तीय नुकसान और रोजगार प्रभाव का जिक्र किया गया है।
‘धुरंधर’ उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की प्रमुख डिस्टिलरियों द्वारा निर्मित एक प्रीमियम शराब है। खाड़ी निर्यात बंद होने से करोड़ों का नुकसान हुआ है। संघ ने सरकार से कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है ताकि द्विपक्षीय व्यापार मजबूत हो।
हाल के भारत-खाड़ी व्यापार समझौतों के बीच यह अपील समयानुकूल है। आईएमपीपीए ने लैब रिपोर्ट्स संलग्न की हैं और आशा जताई है कि जल्द समाधान होगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बैन हटना भारतीय शराब उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
पीएमओ में पत्र पर विचार चल रहा है। सफलता मिलने पर अन्य ब्रांडों को भी लाभ होगा, जो ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देगा। यह कदम भारत-खाड़ी आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।