
भारत के रक्षा शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ते हुए आईआईटी रोपड़ ने भारतीय सेना के साथ मिलकर रक्षा प्रौद्योगिकी में एमटेक कार्यक्रम की शुरुआत की है। आर्मर्ड कोर सेंटर एंड स्कूल (एसीसी एंड एस) के साथ हस्ताक्षरित इस ऐतिहासिक एमओयू ने किसी भी आईआईटी द्वारा सशस्त्र बलों के साथ पहली ऐसी गहन साझेदारी की मिसाल कायम की है।
यह कार्यक्रम सेना के मध्य स्तर के अधिकारियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, जो उन्हें उन्नत रक्षा तकनीकों से लैस करेगा। पाठ्यक्रम शैक्षणिक गुणवत्ता और सैन्य जरूरतों के पूर्ण सामंजस्य पर आधारित है, जिसमें प्रायोगिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार पर विशेष बल दिया गया है। सफलतापूर्वक पूरा करने पर अधिकारियों को आईआईटी रोपड़ से एमटेक डिग्री मिलेगी, जो तकनीकी श्रेष्ठता का प्रतीक होगी।
इस साझेदारी से संयुक्त अनुसंधान और विकास को नई गति मिलेगी। प्रमुख क्षेत्रों में अगली पीढ़ी के आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल, उन्नत हथियार और आर्मर्ड प्लेटफॉर्म के लिए नई सामग्रियां शामिल हैं। यह पहल रक्षा क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करेगी और स्वदेशीकरण को बढ़ावा देगी।
आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने कहा, ‘यह सहयोग रक्षा प्रौद्योगिकी शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। हमारा लक्ष्य ऐसे लीडर तैयार करना है जो विकसित भारत 2047 की दिशा में योगदान दें।’ एमओयू पर एसीसी एंड एस के कमांडेंट मेजर जनरल विक्रम वर्मा और प्रो. आहूजा ने हस्ताक्षर किए।
इसके परिणाम सैन्य के साथ-साथ स्वायत्त वाहन और सामग्री इंजीनियरिंग जैसे नागरिक क्षेत्रों में भी उपयोगी सिद्ध होंगे। यह साझेदारी भारत को वैश्विक रक्षा प्रौद्योगिकी नेतृत्व की ओर ले जाएगी।