
देश में तेजी से बढ़ रही गर्मी के बीच आईआईटी दिल्ली ने एक क्रांतिकारी स्मार्ट एयर कंडीशनर विकसित किया है, जो पारंपरिक मॉडलों से 33 प्रतिशत तक कम बिजली खपत करेगा। यांत्रिक इंजीनियरिंग विभाग के शोधकर्ता वर्तमान में इस प्रोटोटाइप का लैब में परीक्षण कर रहे हैं।
सरकार के अनुमान के मुताबिक, 2037-38 तक कूलिंग के लिए बिजली की मांग तीन गुना बढ़ जाएगी, जिससे प्राकृतिक संसाधनों पर बोझ पड़ेगा और बिजली बिलों में इजाफा होगा। इसी चुनौती से निपटने के लिए प्रो. अनुराग गोयल के नेतृत्व वाली टीम ने हाइब्रिड सिस्टम तैयार किया है।
सामान्य एसी हवा को जरूरत से ज्यादा ठंडा करके नमी निकालते हैं, जो ऊर्जा की बर्बादी है। नई तकनीक में नमक के घोल से नमी सीधे सोखी जाती है। पतली झिल्ली के जरिए घोल हवा से नमी ग्रहण करता है बिना कमरे में मिले। संतृप्त होने पर मशीन की बाहरी गर्मी से इसे दोबारा सक्रिय किया जाता है।
परीक्षणों में 1200 वॉट वाली सामान्य मशीन के मुकाबले यह 800 वॉट पर ही कम्फर्ट देती है। भारत की विविध जलवायु के अनुकूल यह प्रणाली भवनों में व्यापक उपयोग के लिए तैयार है। जर्नल ऑफ बिल्डिंग इंजीनियरिंग में प्रकाशित यह अध्ययन सतत शीतलन की दिशा में मील का पत्थर है।