
कोलकाता। आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद भड़की हिंसा को थामने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मुरशिदाबाद जिले में 4 मई को आए विधानसभा चुनाव नतीजों के ठीक बाद बड़े स्तर पर राजनीतिक हिंसा का आरोप लगाते हुए उन्होंने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई।
याचिका में कबीर ने बताया कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले हुए, उन्हें बुरी तरह पीटा गया। मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की बेंच के समक्ष पेश यह मामला निष्पक्ष जांच, कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बहाली की मांग करता है।
कबीर के वकील के अनुसार, पहले चरण की वोटिंग (23 अप्रैल) में भी नेता पर असामाजिक तत्वों ने हमला बोला था। उनकी गाड़ी तोड़ी गई, कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया, लेकिन पुलिस ने कोई एफआईआर नहीं दर्ज की। प्रशासनिक लापरवाही को हिंसा का कारण बताते हुए अदालत से कड़े निर्देश की अपील की गई।
चुनाव में भाजपा को 207 सीटें मिलीं, तृणमूल को 80। कबीर की पार्टी ने मुरशिदाबाद की दो सीटें जीतीं। दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों में हिंसा की खबरें आईं, जहां तृणमूल कार्यालयों पर तोड़फोड़ के आरोप हैं।
पुलिस ने दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, लेकिन कबीर का अदालती कदम नई सरकार के लिए चुनौती है। सुनवाई से बंगाल की शांति पर असर पड़ सकता है, जो राजनीतिक परिवर्तन के दौर में महत्वपूर्ण है।
