
पश्चिम बंगाल में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी की गाड़ी पर हुए हमले की विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार से मांग ली है। यह घटना एक व्यस्त राजमार्ग पर घटी, जिसने पूरे देश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है और राज्य प्रायोजित हिंसा के आरोप लगाए गए हैं।
गवाहों के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर पत्थरबाजी की, खिड़कियां तोड़ दीं और सुरक्षाकर्मियों को मामूली चोटें आईं। विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी एक सार्वजनिक सभा में जा रहे थे जब यह घात लगाकर हमला हुआ। वे खुद तो सुरक्षित रहे, लेकिन इस घटना को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की चुनावी हार से डरने वाली चाल बताते हुए निंदा की।
राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते हुए गृह मंत्रालय ने आंतरिक सुरक्षा मामलों में केंद्रीय निगरानी के तहत रिपोर्ट मांगी है। भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है, जिसमें अपने कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित हमलों का आरोप लगाया जा रहा है।
घटना के तुरंत बाद अधिकारी ने सोशल मीडिया पर क्षतिग्रस्त गाड़ी की तस्वीरें साझा कीं और कहा, ‘यह मेरे ऊपर नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है।’ पार्टी ने जिलों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केंद्र-राज्य संबंधों की कसौटी बनेगा। राज्य पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, लेकिन जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट से बंगाल की अस्थिर राजनीतिक परिस्थितियों का नया रूप उभर सकता है।