
पटना: बिहार की राजनीति में नया अध्याय जोड़ते हुए हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने पूरे देश में 50 लाख नए सदस्य बनाने का विशाल सदस्यता अभियान शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के नेतृत्व में पटना से प्रारंभ यह मुहिम दलितों, महादलितों व अत्यंत पिछड़ों को मजबूत करने का संकल्प लेती दिखी।
राज्य के सभी 38 जिलों में बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को जुटाया गया है। पार्टी नेता मांझी ने कहा कि यह केवल संख्या का खेल नहीं, बल्कि आमजन की आवाज को ताकत देने का प्रयास है। डिजिटल प्लेटफॉर्म से लेकर गांव-गांव तक सदस्यता फॉर्म पहुंचाए जा रहे हैं।
एनडीए गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले HAM के लिए यह अभियान चुनावी रणनीति का हिस्सा है। विधानसभा चुनावों से पहले बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करने का लक्ष्य है। पार्टी ने मासिक लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जिसमें बिहार का योगदान सबसे बड़ा होगा।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स में गया, जहानाबाद व मुंगेर जैसे जिलों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। महिलाओं व युवाओं में जोश देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इसे चुनावी ड्रामा बताया, लेकिन जमीन पर काम तेज है।
यह अभियान यदि सफल रहा, तो HAM राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी। मांझी की रणनीति बिहार से शुरू होकर उत्तर प्रदेश, झारखंड तक फैलेगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे गठबंधन की समीक्षा का आधार मान रहे हैं। आने वाले दिनों में सदस्यता संख्या पर सबकी नजरें टिकी हैं।