
हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि 100 करोड़ से ज्यादा लोगों के दिलों की धड़कन है। यह भावनाओं का आईना है, जो संस्कृति, एकता और प्रेम को बांधे रखती है। हिंदी दिवस के अवसर पर जानते हैं इसकी गहनता और महत्व।
दिल्ली की गलियों से उत्तर प्रदेश के गांवों तक, हिंदी हर जगह गूंजती है। 14 सितंबर को मनाया जाने वाला हिंदी दिवस 1949 के संविधान सभा के उस ऐतिहासिक प्रस्ताव को याद करता है, जब हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला। यह भाषा संस्कृत की मिठास और फारसी के रंगों से सजी हुई है।
कबीर, तुलसीदास से लेकर बच्चन तक, हिंदी साहित्य ने भावुक रचनाओं से दुनिया को मोहित किया। बॉलीवुड के संवाद और गीत हिंदी को घर-घर पहुंचाते हैं। डिजिटल युग में हिंदी कंटेंट सोशल मीडिया पर छा गया है—यूट्यूब, इंस्टाग्राम पर अरबों व्यूज।
हालांकि क्षेत्रीय बोलियों के बीच मानकीकरण चुनौती है, लेकिन सरकारी प्रयास और युवा उत्साह इसे मजबूत कर रहे हैं। हिंदी एकता का प्रतीक है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ को साकार करती है। यह भावनाओं की भाषा रहेगी, आने वाली पीढ़ियों के लिए।