
पालमपुर के धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं की गोद में बसा सीएसआईआर-आईएचबीटी का ट्यूलिप गार्डन हिमाचल प्रदेश का पहला और कश्मीर के बाद देश का दूसरा प्रमुख फूलों का बगीचा बन चुका है। चौथे वर्ष में प्रवेश करते हुए यह पर्यटन का नया केंद्र बन गया है।
10 फरवरी को जनता के लिए खोले जाने के बाद से अब तक 70 हजार से अधिक पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव ने बताया कि पिछले वर्षों में एक लाख से ज्यादा आगंतुक आए थे, इस बार 1.5 लाख तक संख्या पहुंच सकती है।
पर्यटक उत्साहित नजर आ रहे हैं। एक ने कहा, ‘यहां का नजारा लाजवाब है, संस्थान ने शानदार काम किया।’ 2018 में हॉलैंड से आयातित बल्बों से शुरू हुई यह यात्रा अब स्वदेशी उत्पादन पर आधारित है।
संस्थान ने ट्यूलिप की विभिन्न किस्मों पर प्रयोग कर व्यावसायिक खेती की संभावनाएं तलाशी हैं। पूरी तरह देसी पौधों से विकसित यह गार्डन कश्मीर के इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन के बाद दूसरा महत्वपूर्ण स्थल है।
यह न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है बल्कि हिमालयी क्षेत्र में फूलों की खेती को नई दिशा भी प्रदान कर रहा है।