
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में किसानों को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के लिए नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। यह फैसला मौसम की अनिश्चितताओं के बीच किसानों की चिंताओं को दूर करने वाला है।
सिरमौर क्षेत्र में सेब के बागान, मक्का और धान की खेती प्रभावित हो रही है। अनियमित मानसून और कीटों के प्रकोप से फसलें खतरे में हैं। कृषि विभाग ने समयसीमा माह के अंत तक बढ़ाने का ऐलान किया, जिससे अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ ले सकें।
पीएम फसल बीमा योजना सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि और कीटों से होने वाले नुकसान की भरपाई करती है। प्रीमियम में भारी सब्सिडी के कारण छोटे किसकों के लिए यह सुलभ है। जिले में पिछले वर्षों में करोड़ों की सहायता वितरित की गई।
किसान संगठनों ने इसे स्वागतयोग्य बताया। पॉंटा साहिब के एक किसान ने कहा, ‘यह वाकई जीवनरेखा है। अब हम बिना घबराहट के बीमा करा सकेंगे।’ स्थानीय प्रशासन ने ऑनलाइन पोर्टल और कियोस्क के जरिए पंजीकरण सरल बनाया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसान कल्याण के लिए कटिबद्ध है। जागरूकता शिविरों और हेल्पलाइन से नामांकन को प्रोत्साहन दिया जा रहा। यह कदम जलवायु परिवर्तन के दौर में वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बीमा कवरेज बढ़ेगा, जो किसानों को ऋण के जाल से बचाएगा। दस्तावेजों और प्रक्रिया की जानकारी के लिए नजदीकी सहकारी समितियों से संपर्क करें। सिरमौर के लाखों किसान अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।