
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत का आधार है। एक प्रमुख स्वास्थ्य सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य को आर्थिक प्रगति की कुंजी बताया।
उन्होंने जीवनशैली जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर और मोटापे से युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर अमल की आवश्यकता पर बल दिया।
मानसिक स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता को विकास के मूलभूत स्तंभ बताया। योग और आयुर्वेद को मुख्यधारा में लाने का आह्वान किया। जापान के स्वास्थ्य क्रांति का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वस्थ जनसंख्या ही नवाचार का इंजन है।
विशेषज्ञों ने इसे जागृति का संदेश माना। स्वास्थ्य मंत्री ने कल्याण केंद्रों के लिए अतिरिक्त बजट का वादा किया। विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने के लिए स्वास्थ्य प्राथमिकता बनेगी।
