
हरियाणा सरकार ने किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 893 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह राशि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और लाड़ली योजना के तहत वितरित की जाएगी, जो राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
पीएमएफबीवाई के अंतर्गत 638 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों से फसलों को होने वाले नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में यह योजना किसानों की आय स्थिर करने में मील का पत्थर साबित होगी।
वहीं, लाड़ली योजना को 255 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो बालिकाओं के जन्म से लेकर 18 वर्ष की आयु तक आर्थिक सहायता सुनिश्चित करेगी। यह योजना लड़कियों की शिक्षा और विवाह को बढ़ावा देकर लिंग समानता को मजबूत करेगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, ‘किसान और महिला हमारी प्रगति की आधारशिला हैं। डीबीटी के माध्यम से यह राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचेगी।’ पिछले वर्षों में ऐसी योजनाओं से लाखों परिवार लाभान्वित हो चुके हैं।
यह वित्तीय पैकेज आत्मनिर्भर हरियाणा के विजन से जुड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों की आय में 15-20 प्रतिशत वृद्धि हो सकती है। हालांकि, विपक्ष ने कार्यान्वयन पर विस्तृत जानकारी की मांग की है।
राज्य सरकार ने एक सप्ताह में विस्तृत रोडमैप जारी करने का वादा किया है। कृषि क्षेत्र जो जीएसडीपी में 18 प्रतिशत योगदान देता है, को यह बूस्टर मिलने से अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण से समाज का चेहरा बदलेगा।
जैसे-जैसे धनराशि खातों में आएगी, ग्रामीण इलाकों में बदलाव दिखने लगेगा। यह कदम अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बनेगा।