
मध्य प्रदेश के गुना जिले में 25 और 26 फरवरी को आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला एवं मिलेट मिशन मेला का समापन रविवार को जिला पंचायत विश्राम गृह में धूमधाम से हुआ। कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत आयोजित इस मेले का उद्देश्य किसानों की आय दोगुनी करने, उन्नत कृषि तकनीकों का प्रसार और नवीन खेती पद्धतियों को प्रोत्साहन देना था।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने गुना के किसानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले के किसान हमेशा नए प्रयोगों से आगे बढ़ रहे हैं। पिछले साल से इस बार काफी बदलाव आया है, जिससे आय में वृद्धि हुई और नए कृषि मॉडल उभरे हैं।
कलेक्टर ने इस वर्ष को कृषि वर्ष घोषित करते हुए प्राकृतिक खेती पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुरुआत में पैदावार थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह बढ़ती जाती है। जैविक फसलों की बाजार में भारी मांग है, बेहतर मूल्य मिलते हैं और प्रमाणन से निर्यात आसान होता है। ये उत्पाद स्वास्थ्यवर्धक भी हैं। जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु हर रविवार हाट बाजार आयोजित हो रहे हैं, जिन्हें ब्लॉक व पंचायत स्तर तक ले जाने की योजना है।
कृषि सखियों की भूमिका सराहते हुए कलेक्टर ने बताया कि महिलाएं खुद आगे होकर किसानों को नई तकनीकें सिखा रही हैं। ई-विकास प्रणाली से किसानों को लंबी लाइनों से छुटकारा मिला है। मोबाइल पर स्लॉट बुकिंग से पता चल जाता है कि कौन सा केंद्र, कब और किस समय खाद-बीज मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण में जिला अग्रणी है। पराली जलाने में पिछले वर्ष से काफी कमी आई है। कलेक्टर ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया, जहां देवास व अशोकनगर के कृषि विज्ञान केंद्रों के विशेषज्ञों ने उन्नत बीज, जैविक खेती, यंत्रों की जानकारी दी। प्रगतिशील किसानों व वैज्ञानिकों के सत्र हुए। मिलेट गैलरी, खाद-बीज स्टॉल आकर्षण बने। उत्कृष्ट किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार, जिला पंचायत सदस्य, सांसद प्रतिनिधि, कृषि अधिकारी संजीव शर्मा व के.पी.एस. किरार सहित 2500 से अधिक किसान उपस्थित थे।