
गांधीनगर। देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में गुजरात का योगदान 16.50 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक है। दिसंबर 2025 तक राज्य की कुल स्थापित क्षमता 42.583 गीगावाट पहुंच गई है, जो मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में रचा गया कीर्तिमान है। पवन ऊर्जा में 14,820.94 मेगावाट के साथ प्रथम तथा सौर ऊर्जा में 25,529.40 मेगावाट के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त है।
सोलर रूफटॉप में देश में नंबर वन गुजरात ने 11 लाख से अधिक सिस्टम लगाकर 6,412.80 मेगावाट उत्पादन सुनिश्चित किया है। इसमें पीएम सूर्य घर योजना से 1,913 मेगावाट और सूर्य गुजरात से 2,073.65 मेगावाट शामिल हैं। चारणका, राधानेसडा, धोलेरा सोलर पार्क तथा कच्छ के खावडा में विश्व का सबसे बड़ा पार्क 37.35 गीगावाट क्षमता के साथ तेजी से विकसित हो रहा है, जहां हाल ही 11.33 गीगावाट उत्पादन हासिल हुआ।
पवन ऊर्जा में कच्छ (7,476.73 मेगावाट) अग्रणी है, उसके बाद जामनगर, देवभूमि द्वारका आदि। 2023 की नवीकरणीय ऊर्जा नीति ने क्षमता सीमाएं हटा दीं, टैरिफ व ग्रिड सुविधाएं स्पष्ट कीं। अक्षय ऊर्जा सेतु पोर्टल से परियोजनाएं तेजी से पूरी हो रही हैं।
वर्तमान में 5,203 परियोजनाएं चल रही हैं, जो 68.37 गीगावाट जोड़ेंगी। आरई इन्वेस्ट 2024 में 2030 तक 105 गीगावाट का लक्ष्य रखा गया, जो राष्ट्रीय 500 गीगावाट के 20 प्रतिशत के बराबर है। इससे 2.37 लाख रोजगार सृजित हुए हैं, जो राज्य को हरित ऊर्जा का केंद्र बनाते हैं।