
मंगलवार को मुंबई के लोक भवन में एक खास साहित्यिक आयोजन हुआ, जहां महाराष्ट्र व गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने वरिष्ठ पत्रकार आदित्य कांत की नई पुस्तक ‘घोस्ट्स, हॉरर एंड हिल्स’ का विमोचन किया। ‘हाई ऑन कसोल’ के लेखक कांत ने इस पुस्तक में 18 रहस्यमयी कहानियां समेटी हैं, जो भय के आवरण में समाजसेवा व सकारात्मकता का संदेश देती हैं।
राज्यपाल ने लेखक की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तक का शीर्षक भले डरावना हो, लेकिन कहानियां मानव मन की सकारात्मक शक्तियों को उजागर करती हैं। उन्होंने भूत-प्रेतों को मन की कल्पना बताया और विविध विषयों पर प्रेरक कथानकों के लिए कांत को बधाई दी।
मानवता का सर्वोत्तम गुण संवेदनशीलता बताते हुए देवव्रत ने जोर दिया कि यह युवाओं में सहानुभूति जगाकर सामाजिक परिवर्तन ला सकती है। पुस्तकें सच्चे साथी हैं, जो पढ़ने से मन को शांति व आंतरिक बल प्रदान करती हैं।
लेखक ने कोविड काल में आईसीयू के अपने दर्दनाक अनुभव साझा किए। जीवन-मृत्यु की जंग में दूसरों की मदद की इच्छा ने उन्हें प्रेरित किया। पुस्तक की कहानियां सहयोग भावना व पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं।
समारोह में रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की करुणा बड़वाल, संगीतकार संजीव वधवानी, निर्देशक राजन खोसा समेत मीडिया-मनोरंजन जगत के गणमान्य उपस्थित रहे। यह विमोचन साहित्य की प्रेरक शक्ति का प्रतीक बना।