
गुजरात सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को 15 जनवरी तक बढ़ा दिया है। यह पर्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की स्मृति में मनाया जाता है, जो देश की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री भुपेंद्र पटेल की अगुवाई वाली कैबिनेट ने इस विस्तार को मंजूरी दी। राज्य भर से लाखों भक्तों का आगमन अपेक्षित है। प्रभास पाटण में आयोजित होने वाले इस उत्सव में विशेष पूजाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऐतिहासिक प्रदर्शनियां शामिल हैं।
सोमनाथ मंदिर का इतिहास संघर्षपूर्ण रहा है। कई बार ध्वस्त होने के बावजूद, 1951 में सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से इसका जीर्णोद्धार हुआ। इस वर्ष पर्व के दौरान मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण भी होगा।
सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सुविधाएं जुटाई हैं। सड़कें, आवास और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र बनाए गए हैं।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। कारीगरों के हाट, गुजराती व्यंजनों के स्टॉल और पारंपरिक नृत्य से पर्व रंगीन बनेगा। यह आयोजन गुजरात की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा।
15 जनवरी तक चलने वाले इस पर्व से देशवासियों को स्वाभिमान की प्रेरणा मिलेगी।