
आणंद जिले के भादरण में आयोजित एक भव्य समारोह से गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को 2666 ग्राम पंचायतों के लिए पंचायत भवन-सह-पटवारी आवासों का एक साथ ई-शिलान्यास किया। कुल 663 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से ग्रामीणों को घर द्वार पर सरकारी सेवाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने में गुजरात अग्रणी है। पीएम के सेचुरेशन अप्रोच को अमल में लाते हुए राज्य सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों को अपना भवन प्रदान करने का संकल्प लिया है।
इस मौके पर ‘मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना’ का राज्यव्यापी शुभारंभ हुआ। पहले चरण में 114 तहसील मुख्यालय वाले गैर-नगरपालिका गांवों को सड़क, जल, स्वच्छता, सोलर लाइट, ई-ग्राम तथा सामुदायिक भवनों जैसी आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।
सीएम ने 10 हजार से अधिक आबादी वाले 10,000 ग्राम पंचायतों को योजना में शामिल करने का लक्ष्य बताया, जिससे शहरीकरण का दबाव कम होगा और ग्रामीण-शहरी विकास का अंतर मिटेगा। प्रधानमंत्री का ‘सबका साथ, सबका विकास’ मंत्र साकार होगा।
विकास की गति तेज करने वाले पीएम मोदी की दूरदृष्टि का उल्लेख करते हुए पटेल ने ग्रामीण उत्थान पर केंद्रित इस अनोखे कार्यक्रम को रेखांकित किया। ‘कैच द रेन’ अभियान से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, प्रत्येक विधायक को 50 लाख का अनुदान मिला है।
गौ-आधारित प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया गया। शहीद दिवस व गांधीजी के निर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित कर ग्राम स्वराज की प्रेरणा दोहराई। पंचायत मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि इससे गांवों को नई दिशा मिलेगी, 10 हजार आधुनिक ग्राम सचिवालय बनेंगे।