
गांधीनगर। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के लिए सुफलाम जल अभियान 2.0 की शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन’ आह्वान को साकार करने वाले इस अभियान को जनभागीदारी के साथ पूरे राज्य में चलाया जाएगा, जो 31 मई 2026 तक चलेगा।
हर तहसील में 10 तालाबों को गहरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि भूजल स्तर बढ़े और बारिश का पानी रोका जा सके। जल संसाधन, जल आपूर्ति, सरदार सरोवर नर्मदा निगम, ग्रामीण विकास, वन एवं पर्यावरण तथा नगरीय विकास विभाग मिलकर सभी जिलों में ये कार्य करेंगे।
कार्ययोजना में पुरानी झीलों का गहराई बढ़ाना, चेकडैमों से गाद हटाना, जलाशयों व नदियों की सफाई, क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत, नहरों की सफाई, खेत तालाब, मिट्टी बांध, छत पर जल संचयन, पेयजल स्रोतों की देखभाल और नदियों से बबूल हटाना शामिल है।
भाट गांव की झील को गहरा कर अभियान का शुभारंभ किया गया, जिससे इसकी क्षमता 2.01 लाख घन फुट बढ़ जाएगी। 2018 से अब तक 1,22,299 कार्य पूरे हो चुके हैं, जिनमें 39,542 तालाब गहरे किए गए, 26,544 चेकडैम साफ हुए और 82,240 किमी नहरें साफ की गईं। इससे जल भंडारण क्षमता 1,39,959 लाख घन फुट बढ़ी और 210 लाख मानव-दिन रोजगार सृजित हुए।
इस अवसर पर मंत्री ईश्वर सिंह पटेल, सांसद, विधायक, महापौर समेत बड़ी संख्या में अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे। यह अभियान जल संकट से निपटने में मील का पत्थर साबित होगा।