
गांधीनगर में रविवार को महात्मा मंदिर में गुजरात सेमीकनेक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 का भव्य उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय समागम का विषय ‘गुजरात-इंडियाज गेटवे टू सिलिकॉन’ है, जो हाई-टेक चिप निर्माताओं और स्थानीय उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।
उद्घाटन के बाद सीएम पटेल ने कॉन्फ्रेंस में शामिल प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इनमें सेमीकॉन सेक्टर में अनुसंधान-विकास, मेमोरी मॉड्यूल इकाइयां, पावर चिप उत्पादन और विशेष रसायन संयंत्र स्थापित करने पर गहन चर्चा हुई। पटेल ने धोलेरा व साणंद जैसे क्षेत्रों में गुजरात के मजबूत इकोसिस्टम और सरकार की सक्रिय नीतियों का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।
बैठकों में दीपक नाइट्रेट के एमडी मेघव मेहता, मलेशिया की होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन दातो शेरी ली हंग लूंग, सूचि-आरओएचएम सेमीकॉन के एमडी मोकोटो तेराडा व संस्थापक अशोक मेहता, होरिबा इंडिया के राजीव गौतम तथा एप्लाइड मटेरियल्स की सीओओ राधिका विश्वनाथन शामिल हुए।
मुख्य सचिव एमके दास, उद्योग विभाग की एसीएस ममता वर्मा, सीएम के पीएस संजीव कुमार, उद्योग आयुक्त पी. स्वरूप, एपीएस डॉ. विक्रांत पांडे व विज्ञान विभाग की सचिव पी. भारती भी मौजूद रहीं।
यह कॉन्फ्रेंस गुजरात की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं को नई उड़ान देगी। निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे से राज्य न केवल रोजगार सृजन करेगा, बल्कि भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।