
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को कैंसर स्क्रीनिंग वैन का लोकार्पण कर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। यह पहल दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक प्रारंभिक जांच सुविधाएं पहुंचाने पर केंद्रित है।
गांधीनगर में आयोजित समारोह में सीएम ने कहा कि कैंसर जैसी घातक बीमारी से निपटने के लिए शुरुआती पहचान अत्यंत आवश्यक है। ये वैनें मैमोग्राम, पाप स्मीयर, मुंह के कैंसर की जांच और बुनियादी रक्त परीक्षण जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगी। प्रशिक्षित चिकित्सा दल इन इकाइयों को संचालित करेगा।
राज्य में प्रतिवर्ष 50 हजार से अधिक नए कैंसर मामले दर्ज होते हैं। जीवनशैली परिवर्तन और पर्यावरणीय कारणों से इसका प्रसार बढ़ रहा है। सीएम पटेल ने बताया कि पहले चरण में 20 जिलों में ये वैनें संचालित होंगी, जिनका विस्तार अगले वर्ष पूरे राज्य में होगा।
एनजीओ और निजी अस्पतालों के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयास लाखों लोगों की जान बचा सकता है। एयुष्मान भारत योजना से एकीकरण सुनिश्चित करेगा निरंतर उपचार।
गुजरात सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बनेगी। वैनों के माध्यम से प्रारंभिक जांच से उपचार की सफलता दर बढ़ेगी, जो राज्य के स्वास्थ्य लक्ष्यों को साकार करेगी। यह स्वास्थ्य क्रांति का प्रारंभ मात्र है।